Sada Jeevan Uch Vichar Hindi Essay In Hindi

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'Mahatma Gandhi- Biography' in Hindi | 'Mahatma Gandhi ka Jivan Parichay' (165 Words)

'Mahatma Gandhi- Biography' in Hindi | 'Mahatma Gandhi ka Jivan Parichay' (165 Words)
महात्मा गाँधी- जीवन परिचय

'महात्मा गाँधी' का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गाँधी था। महात्मा गाँधी का जन्म 2 अक्टूबर सन 1869 में पोरबन्दर में हुआ था। मैट्रिक परीक्षा पास करने के बाद वह उच्च शिक्षा के लिए इंग्लैण्ड गए। वहां से लौटने पर उन्होंने वकालत प्रारंभ क़ी।

गाँधी जी का सार्वजानिक जीवन दक्षिण अफ्रीका में प्रारंभ हुआ। उन्होंने भारतीयों क़ी सहायता क़ी। उन्होंने सत्याग्रह आन्दोलन प्रारंभ किया। उन्होंने अनेक कष्ट सहे। उनको अपमानित किया गया। अंत में उन्हें सफलता मिली।

गाँधी जी भारत वापस आये और स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया। वह कई बार जेल गए। अब सारा देश उनके साथ था। लोग उन्हें राष्ट्रपिता कहने लगे। अंत में भारत को 1947 में स्वतंत्रता प्राप्त हुई।

गाँधी जी सादा जीवन बिताते थे। वह 'सादा जीवन, उच्च विचार' को मानने वाले थे। उन्होंने हमको 'अहिंसा' का पाठ पढ़ाया। वह एक समाज सुधारक थे। उन्होंने छुआ-छूत को दूर करने का प्रयत्न किया। उन्होंने गॉवों कि दशा सुधारने का पूरा प्रयत्न किया। 30 जनवरी, 1948 को नाथू राम गोडसे नामक व्यक्ति ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी।
 

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महात्मा गांधी पर निबंध और जीवन परिचय | Mahatma gandhi biography and essay in hindi

Mahatma gandhi essay in hindi

महात्मा गाँधी, एक ऐसा नाम जिन्हें पूरा विश्व अहिंसा के पुजारी के नाम से जानता है. महात्मा गांधी जी ने पुरे विश्व को अनेक ऐसे सुविचार दिए जिन्हें भारत समेत पूरी दुनिया आज मानती है. महात्मा गाँधी को लोग प्यार से बापू कह कर भी पुकारते हैं. इनका भारत की स्वतंत्रता में बहुत बड़ा योगदान रहा है. 2 October को गाँधी जयंती के विशेष अवसर पर Aapkisuccess.com की एक खास पेशकश. 

Mahatma Gandhi

पूरा नाम : मोहन दास करमचंद गाँधी

जन्म : 2 अक्टूबर

जन्म स्थान : पोरबंदर, गुजरात

पिता का नाम : करमचंद गाँधी

माता का नाम : पुतलीबाई

पत्नी का नाम [Mahatma gandhi wife name] : कस्तूरबा गाँधी

शिक्षा : 1888 में कानून पढने इंग्लैंड चले गये

मृतु : 30 जनवरी 1948

महात्मा गाँधी की जीवनी – Mahatma gandhi jeevni in hindi

Mahatma Gandhi जी का जन्म 2 अक्टूबर को गुजरात के पोरबंदर में करमचंद गाँधी के घर में हुआ था. करमचंद गाँधी पंसारी जाती से सम्बन्ध रखते थे और पोरबंदर के एक कठियावाडा समुदाय के  में  थे दीवान मतलब एक तरह से उस समुदाय के प्रधान मंत्री थे. उनकी पत्नी पुतलीबाई वेश्य समुदाय से ताल्लुक रखती थीं. पुतलीबाई करमचंद गाँधी की चौथी पत्नी थी उनकी 3 पत्नियों का निधन प्रसव के समय ही हो गया था. गाँधी जी का विवाह बहुत ही काम उम्र में कर दिया गया था.

महात्मा गाँधी जी का विवाह – Mahatma gandhi marriage

महात्मा गाँधी का विवाह बेहद ही कम उम्र में कर दिया गया था जब गाँधी जी महज 13 साल के थे तब उनसे 1 साल बड़ी कस्तूरबा माखनजी से उनका विवाह कर दिया गया. कस्तूरबा उस समय सिर्फ 14 साल की थी. जिस समय उनकी शादी हुई उस समय बाल विवाह पर कोई रोक नही थी. 15 साल की उम्र में गाँधी जी पिता बने लेकिन उनकी वो संतान कुछ ही दिनों में चल बसी औए इसी साल उनके पिता जी का भी देहांत हो गया.  गाँधी जी की कुल 4 बच्चे हुए थे जो की सभी बेटे ही थे.

महात्मा गाँधी के आन्दोलन – Mahatma gandhi aandolan

महात्मा गाँधी जी ने भारत को आज़ाद करवाने में बहुत बड़ा योगदान दिया है उनके जीवन का एक मूल मन्त्र था सादा जीवन उच्च विचार मतलब आप जितना सदा जीवन जियेंगे आपके विचार उतने ही उच्च होंगे.

  • जब गाँधी जी दक्षिण अफ्रीका की यात्रा पर थे तो उन्होंने वहां पर अवज्ञा आन्दोलन चलाया था . इसके बाद वो भारत लौट आये थे.
  • इसके बाद सन 1920 में असहयोग आन्दोलन [Non-cooperation movement]
  • सन 1930 में सविनय अवज्ञा आन्दोलन [civil disobedience movement]
  • सन 1940 में भारत छोड़ो आन्दोलन [Quit India movement]

गाँधी जी ने मुख्य रूप से 5 आन्दोलन चलाये थे जो की काफी सफल भी हुए थे.

महात्मा गाँधी जी का सामाजिक जीवन – Social life of Mahatma gandhi

Mahatma gandhi एक सामाजिक कार्यकर्त्ता के रूप में भी जाने जाते थे उन्होंने समाज की भलाई और कल्याण के लिए बहुत सारे काम किये. गाँधी जी अपने पुरे जीवन भर सत्य और अहिंसा का पालन करते रहे.

  • छूआछूत को दूर करना गाँधी जी ने उस समय छुआछूत को समाज से दूर करने के लिए काफी प्रयास किया और इसे दूर करने के लिए उन्होंने पिछड़ी जाती के लोगों को भगवान् के नाम पर एक नाम दिया हरी-जन. लेकिन आज इसका मतलब लोगों के कुछ और ही निकाल लिया है.

सारांश – conclusion

महात्मा गाँधी एक उच्च विचारधारा के समाजसेवक और हमेशा सत्य और अहिंसा के समर्थन में रहने वाले व्यक्ति थे. इन्होने भारत को अंग्रेजों के शाशन से मुक्त करने के लिए बहुत अहम् योगदान दिए हैं. महात्मा गाँधी को राष्ट्रपिता की उपाधि सुभाष चन्द्र बोस ने दि थी गाँधी जी ने स्वदेशी आन्दोलन चलाया था जिसमे उन्होंने सभी विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार करने के लिए कहा था और इसी क्रम में उन्होंने चरखा चलाकर इसकी शुरुआत की. यही काम आज नरेंद्र सिंघ मोदी कर रहे हैं अपने Make in India अभियान के अंतर्गत.

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Written By – Ashish Anand

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